रामलीला मंचन: दिल्ली की प्रसिद्ध "लव कुश रामलीला" में फूलों की वर्षा के बीच संपन्न हुआ सीता स्वयंवर, शिव धनुष भंग होते ही ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा लालकिला मैदान, फूलों की वर्षा के बीच संपन्न हुआ सीता स्वयंवर|

RASHTRA SEARCH NEWS
By - Ravi Sharma
0

 रामलीला मंचन: दिल्ली की प्रसिद्ध "लव कुश रामलीला" में फूलों की वर्षा के बीच संपन्न हुआ सीता स्वयंवर, शिव धनुष भंग होते ही ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा लालकिला मैदान, फूलों की वर्षा के बीच संपन्न हुआ सीता स्वयंवर|



नई दिल्ली, 13 अक्टूबर ब्यूरो रिपोर्ट RSN: नवरात्रि के पावन पर्व में राजधानी दिल्ली प्रसिद्ध व  देश-विदेश में विख्यात लव कुश रामलीला कमेटी, लालकिला मैदान में रामलीला मंचन के तीसरे दिन कमेटी के अध्यक्ष श्री अर्जुन कुमार ने बताया कि सीता स्वयंवर के दौरान विभिन्न देशों से आए शक्तिशाली राजाओं ने अपने अपने अंदाज में भगवान शिव के विशाल धनुष को उठाने और धनुष भंग करने का  प्रयास किया, लेकिन कोई भी सफल नहीं हो सका। राजाओं की असफलता से निराश राजा जनक ने व्यथित होकर कहा कि क्या पृथ्वी वीरों से खाली है? उनके इन शब्दों को सुन, इसी बीच गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम आगे बढ़े, उन्होंने सहजता से शिव धनुष उठाया और उस पर प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष भंग हो गया। धनुष टूटने की गूंज के साथ ही पूरा रामलीला परिसर ‘सियावर रामचंद्र की जय’ और ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा। दर्शकों की तालियों और जयकारों ने माहौल को पूरी तरह राममय बना दिया। इसके बाद माता सीता ने भगवान श्रीराम के गले में वरमाला डालकर उनका वरण किया। ढोल नगाड़ों की गूंज के साथ मिठाई बाटी, रंग-बिरंगी रोशनी, ताजे फूलों से सजा मंच और प्रभावशाली ध्वनि व्यवस्था के बीच प्रस्तुत इन दृश्यों को देखने के लिए  रामभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी|



परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने बढ़ाया रोमांच शिव धनुष टूटने की आवाज सुनकर भगवान परशुराम जनक दरबार में पहुंच गए। धनुष भंग होने से क्रोधित परशुराम और लक्ष्मण के बीच तीखे संवादों का ऐसा दृश्य प्रस्तुत हुआ कि दर्शक मंत्रमुग्ध होकर मंचन देखते रहे। लक्ष्मण के निर्भीक और व्यंग्यपूर्ण जवाबों के बीच परशुराम का क्रोध लगातार बढ़ता गया। इस तनावपूर्ण प्रसंग में भगवान श्रीराम ने अपनी विनम्रता, संयम और मधुर वाणी से परशुराम को शांत करने का प्रयास किया। इस पूरे दृश्य ने दर्शकों को रामायण के संवादों की गहराई और मर्यादा का अनुभव कराया। कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि आज केंद्रीय मंत्री  रामदास अठावले  सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने रामलीला में पहुंचकर मंचन का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि लव कुश रामलीला कमेटी का प्रयास है कि आधुनिक तकनीक और भव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से नई पीढ़ी तक भगवान श्रीराम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और रामायण की शिक्षाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।

Tags:

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*